
पृथक बुंदेलखंड राज्य के लिए संघर्ष करेंगे पूर्व मंत्री
चित्रकूट ब्यूरो : बुंदेलखंड इंसाफ सेना के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री कुंवर बादशाह सिंह ने चुनावी राजनीति से संन्यास लेकर अपना पूरा जीवन पृथक बुंदेलखंड राज्य के निर्माण के लिए समर्पित करने का पहले ही ऐलान कर चुके हैं। अब बुधवार को चित्रकूट स्थित रैन बसेरा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के सभी सदस्यों एवं संत-महंतों के साथ हुई बैठक में उन्होंने पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज करने की रणनीति पर चर्चा की।संतोषी अखाड़ा महंत रामजी दास महराज ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास और जनता के अधिकारों की आवाज को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती देना समय की आवश्यकता है। पृथक राज्य की मांग को जनभावनाओं और क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के आधार पर व्यापक जनसंवाद से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। संत समाज इस विषय पर समाज को जागरूक करने और सकारात्मक दिशा देने में अपनी भूमिका निभाएगा। कुंवर बादशाह सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से अपेक्षित रूप से नहीं जुड़ पाया है। क्षेत्र की समस्याओं का स्थायी समाधान और यहां के लोगों को उनका हक-अधिकार दिलाने के लिए पृथक बुंदेलखंड राज्य का निर्माण जरूरी है। कहा कि बुंदेलखंड इंसाफ सेना के बैनर तले गांव-गांव और पंचायत स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें राजनीतिक दलों की चर्चा के बजाय बुंदेलखंड के संसाधनों, रोजगार, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन और क्षेत्र के समग्र विकास जैसे मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। घोषणा की है कि वह बुंदेलखंड के पिछड़ेपन को दूर करने और इसे एक अलग और स्वतंत्र राज्य बनाने की मांग के लिए निरंतर संघर्ष करेंगे। बैठक में संत-महंतों सहित बुंदेलखंड के विकास और पृथक राज्य की मांग से जुड़े लोगों ने विचार रखे।
इस मौके पर निर्मोही अखाड़ा महंत दीनदयाल महराज, मुन्ना शास्त्री, अमितदास, सीताराम दास, क्षत्रिय संगठन के जिलाध्यक्ष कुंवर प्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष पत्रकार अरविन्द रघुवंशी, अरुण कुमार तिवारी, अमन प्रताप सिंह, रामू सिंह, विमल सिंह बागी, हर्षित चैहान, विवेक सिंह, रवि सिंह आदि मौजूद रहे।