कलेक्ट्रेट से विश्वविद्यालयों तक हुए आयोजन, पटेल तिराहा पर पूर्व सांसद ने किया माल्यार्पण
पुलिस ने निकाली रन फॉर यूनिटी, किसानों को दिया प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण
चित्रकूट। लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर शनिवार को जिलेभर में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। कलेक्ट्रेट सभागार, पटेल तिराहा, शैक्षणिक संस्थानों और तुलसी कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां में आयोजित कार्यक्रमों में सरदार पटेल के योगदान को याद किया गया। अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा बनाए रखने का संकल्प लिया। विभिन्न आयोजनों के माध्यम से सामाजिक समरसता, कर्तव्यनिष्ठा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया।
कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) चंद्रशेखर की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और महात्मा गांधी के निकट सहयोगी थे। आजादी के बाद विभिन्न रियासतों का एकीकरण कर मजबूत राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी निष्ठा, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना ही महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। अपर उप जिलाधिकारी डॉ. प्रदीप ने कहा कि सरदार पटेल के व्यक्तित्व में एकता, दृढ़ संकल्प और अनुशासन प्रमुख गुण थे। उपनिबंधक कर्वी विवेक गुप्ता ने आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ जनहित में कार्य करने पर जोर दिया। इस दौरान पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में आपदा विशेषज्ञ राहुल सिंह, विक्रम सिंह, जग्गी लाल, अवध नारायण सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
पटेल तिराहा पर पूर्व सांसद ने किया माल्यार्पण
शहर के पटेल तिराहा स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने 560 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण कर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी। उनका जीवन अदम्य साहस, राजनीतिक दूरदर्शिता और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है। जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी रियासतों के विलय में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
उन्होंने कहा कि जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद जैसी संकीर्ण मानसिकताओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना आज की आवश्यकता है। युवाओं को सरदार पटेल के जीवन से राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा लेनी चाहिए। इस मौके पर शक्ति प्रताप सिंह तोमर, रवि गुप्ता, किशन अग्रहरि, राजाराम पाल, अंकित सिंह राजपूत और अखिलेश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
किसानों को प्राकृतिक खेती के बताए तरीके

सरदार पटेल जयंती पर दीनदयाल शोध संस्थान के तुलसी कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां में कृषक प्रशिक्षण एवं उन्नत बीज वितरण कार्यक्रम हुआ। संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने किसानों से अधिक उत्पादन के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिट्टी स्वस्थ रहेगी, तभी खेती लंबे समय तक टिकाऊ और लाभकारी बन सकेगी। किसानों को स्थानीय संसाधनों और गोवंश आधारित जैविक आदानों के उपयोग के लिए प्रेरित किया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने गेहूं, चना और सरसों की प्राकृतिक विधि से खेती करने का प्रशिक्षण दिया। किसानों को गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन और खेत की उपजाऊ मिट्टी से जीवामृत तैयार करने तथा फसलों में इसके उपयोग की जानकारी दी गई। फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के लिए नीमास्त्र, अग्निअस्त्र और ब्रह्मास्त्र बनाने की विधि भी समझाई गई। प्रसार वैज्ञानिक डॉ. उत्तम कुमार त्रिपाठी ने संतुलित पोषण प्रबंधन की जानकारी दी। कार्यक्रम में आनंद साहू, डॉ. अशोक पांडेय, केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. राजेंद्र सिंह नेगी और कमला शंकर शुक्ला मौजूद रहे।
सरदार पटेल की निर्णय क्षमता आज भी प्रासंगिक: कुलपति
जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग की ओर से ‘राष्ट्रीय एकता: मिशन विकसित भारत 2047’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. आरएन त्रिपाठी ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने के लिए आज भी उनकी तरह दृढ़ इच्छाशक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित निर्णय क्षमता वाले नेतृत्व की आवश्यकता है।
उन्होंने रियासतों के एकीकरण, बारदोली सत्याग्रह और स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल के योगदान को याद किया। कहा कि नई पीढ़ी को उनके विचारों और नीतियों से परिचित कराने के साथ ही उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारना जरूरी है। कार्यक्रम में डॉ. हरिकांत मिश्रा, डॉ. महेंद्र उपाध्याय, डॉ. गोपाल मिश्र सहित शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
ग्रामोदय विश्वविद्यालय में भी ली एकता की शपथ
महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रो. आलोक चोबे की अध्यक्षता में राष्ट्रीय एकता दिवस पर शपथ एवं व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित हुआ। दीप प्रज्वलन और सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पहार अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कुलगुरु ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। विद्यार्थियों को ज्ञान और कौशल के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना चाहिए। विभिन्न संकायों में भी शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। अंत में कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय ने आभार जताया।
पुलिस विभाग ने आयोजित की रन फॉर यूनिटी

राष्ट्रीय एकता दिवस पर पुलिस कार्यालय में पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा की शपथ दिलाई। इसके बाद रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। इसमें पुरुष वर्ग में आरक्षी सर्वजीत ने पहला, अभिषेक ने दूसरा और सुनील कुमार वर्मा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में पूनम पटेल प्रथम, माद्री तोमर द्वितीय और अनामिका तृतीय रहीं। छात्र वर्ग में आदर्श मिश्रा ने पहला, अंशू ने दूसरा, अनूप ने तीसरा और हर्षनयन ने चौथा स्थान हासिल किया। पुलिस अधीक्षक ने विजेताओं को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया।





