
बांटे गए आवास, पेंशन से लेकर बीमा और स्वरोजगार योजनाओं के प्रमाण पत्र व स्वीकृति पत्र
रामायण मेला परिसर में जिला जज ने किया शिविर का शुभारंभ
चित्रकूट। राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर, सीतापुर में रविवार को आयोजित मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से हजारों लोगों को लाभान्वित किया गया। विभागों की ओर से पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र, उपकरण और अन्य सुविधाएं वितरित की गईं। प्री-कैंप और मुख्य शिविर को मिलाकर कुल 46,564 लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया। शिविर का शुभारंभ जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुनील कुमार पंचम ने दीप प्रज्वलित कर किया।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंदों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर पहुंचाना रहा। मुख्य शिविर से पहले जिले में अलग-अलग विभागों की ओर से 503 प्री-कैंप आयोजित किए गए थे। इनके माध्यम से पात्र लोगों की पहचान कर योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की गई।
शिविर में बेसिक शिक्षा विभाग ने दिव्यांग बच्चों को उपकरण, आरटीई पंजीकरण और कैशलेस चिकित्सा सुविधा से संबंधित 54 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र दिए। शहरी और ग्रामीण आवास योजनाओं के तहत 34 लोगों को स्वीकृति पत्र मिले। नेडा विभाग ने सात लाभार्थियों को सोलर पैनल की स्वीकृति दी, जबकि पशुपालन विभाग ने 11 लोगों को विभिन्न योजनाओं के प्रमाण पत्र वितरित किए। कृषि विभाग की ओर से 11 किसानों को कृषि उपकरण और बीज दिए गए।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने 23 दिव्यांगजनों को हेलमेट सहित ट्राइसाइकिल वितरित की। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने सात लोगों को शादी अनुदान के प्रमाण पत्र दिए। सामूहिक विवाह योजना के तहत छह और वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत सात लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। उद्योग विभाग ने छह लोगों को उद्यम पंजीकरण प्रमाण पत्र दिए। महिला कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के पांच लाभार्थियों को सहायता उपलब्ध कराई।
राजकीय दुग्ध विभाग ने मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत नौ लोगों को लाभ दिया। राजस्व विभाग ने 12 लाभार्थियों को वरासत की खतौनी सौंपी। पंचायती राज विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 10 परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई। रेशम विभाग ने नौ लोगों को रेशम कीट पालन का प्रशिक्षण देकर प्रमाण पत्र वितरित किए। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से सात लोगों को प्रमाण पत्र दिए गए।
जल जीवन मिशन के तहत 25 परिवारों को घरों में जल संयोजन उपलब्ध कराते हुए प्रमाण पत्र दिए गए। बैंक विभाग ने 16 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, मुख्यमंत्री युवा योजना और प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत चेक वितरित किए। पुलिस विभाग ने सर्विलांस और तकनीकी माध्यमों से बरामद आठ मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि और गंभीर चोटों से बचाव के लिए आठ लोगों को हेलमेट भी वितरित किए गए।
पोषाहार के व्यंजनों से बताया पोषण का महत्व
मेगा शिविर में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने आकर्षक स्टॉल लगाकर पोषाहार से तैयार पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया। यहां लोगों को पोषाहार की नई रेसिपी, मातृ स्वास्थ्य, बाल विकास और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी गई। जिला जज सुनील कुमार पंचम ने भी स्टॉल का अवलोकन किया। डीपीओ अरुण कुमार पांडेय ने विभागीय योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के प्रशस्ति पत्र के लिए चयनित 2,500 बच्चों की सूची जिला जज को सौंपी गई है। इसके अलावा 1,782 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी के लिए प्रति लाभार्थी एक हजार रुपये की धनराशि भेजे जाने संबंधी सूची भी उपलब्ध कराई गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 4,448 लाभार्थियों की सूची भी सौंपी गई। स्टॉल के संचालन में सीडीपीओ सिटी बीएल गुप्ता, सीडीपीओ कर्वी महेंद्र पटेल, मुख्य सेविकाओं और करीब 50 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय राकेश कुमार यादव, प्रथम अपर जिला जज राहुल मिश्रा, अपर जिला जज एवं नोडल अधिकारी अनुराग कुरील, विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट गीता सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक अरुण कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिला जज राममणि पाठक, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो रेनू मिश्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद भारती, सिविल जज वरिष्ठ श्रेणी सचिन कुमार दीक्षित, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव इला चौधरी, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह सहित विभिन्न न्यायिक अधिकारी और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।





