रामघाट, मंदाकिनी तट और कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर दीपोत्सव की भव्य तैयारी
विकास कार्यों से बढ़ा धर्मनगरी का आकर्षण
चित्रकूट ब्यूरो : भगवान श्रीराम की तपोस्थली धर्मनगरी में दीपावली के अवसर पर आयोजित होने वाले दीपदान मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार मेले में करीब 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदाकिनी नदी के रामघाट, कामदगिरि मंदिर और परिक्रमा मार्ग को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। दीपों की रोशनी और धार्मिक आयोजनों के बीच धर्मनगरी में अयोध्या की तर्ज पर भव्य दीपोत्सव का माहौल तैयार किया जा रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में चित्रकूट के धार्मिक और पर्यटन स्वरूप में व्यापक बदलाव आया है। प्रदेश सरकार की ओर से धार्मिक स्थलों के विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिए जाने से यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी है। इससे दीपदान मेले का महत्व भी लगातार बढ़ रहा है। अमावस्या और प्रमुख धार्मिक पर्वों पर लाखों श्रद्धालु मंदाकिनी में स्नान, रामघाट पर दीपदान और कामदगिरि की परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं। दीपदान मेला चित्रकूट की धार्मिक पहचान के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं की आमद से होटल, धर्मशाला, परिवहन, प्रसाद और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिलते हैं।
रामघाट से परिक्रमा मार्ग तक सजेगी धर्मनगरी
दीपदान मेले के दौरान रामघाट और मंदाकिनी तट पर विशेष सजावट की जा रही है। घाटों पर दीपदान के साथ धार्मिक गतिविधियों के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर रोशनी, शेड और जनसुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलने की उम्मीद है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छता, पेयजल, आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहेगी।
सुगम हुआ चित्रकूट तक पहुंचने का रास्ता
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और चित्रकूट एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से धर्मनगरी तक पहुंचना पहले की अपेक्षा आसान हुआ है। मंदाकिनी नदी के प्रमुख घाटों के सौंदर्यीकरण और परिक्रमा मार्ग पर सुविधाओं के विस्तार ने भी चित्रकूट के धार्मिक पर्यटन को नया आयाम दिया है। बेहतर संपर्क मार्ग और सुविधाओं के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। इस बार करीब 30 लाख श्रद्धालुओं के आगमन के अनुमान के बीच प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं को व्यवस्थित बनाए रखने की चुनौती रहेगी।
मेले के दौरान लागू रहेगा यातायात डायवर्जन
दीपदान मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस की ओर से विशेष डायवर्जन व्यवस्था लागू की जाएगी। मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रित रखने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। बाहरी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। रामघाट, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और प्रमुख स्नान स्थलों के आसपास वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए जाएंगे। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का सहयोग करें।
दीपावली मेले से पहले रामघाट और रैन बसेरों की व्यवस्थाओं का डीएम-एसपी ने लिया जायजा
गंदगी मिलने पर शराब दुकान पर 10 हजार रुपये का जुर्माना
चित्रकूट ब्यूरो : दीपावली मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने रामघाट, खोही तालाब, बिहारा रैन बसेरा सहित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को मेले से पहले सभी अधूरे कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए।
रामघाट में यूपीपीसीएल को सड़क किनारे पौधरोपण, सौंदर्यीकरण, साइनेज लगाने और नालियों को ढकने के निर्देश दिए गए। अधिशासी अधिकारी को स्ट्रीट लाइट लगवाने, जल संस्थान को चैंबर दुरुस्त कराने और विद्युत विभाग को ट्रांसफार्मर व पोल शिफ्ट कराने को कहा गया। उतारा पुल से घाट तक सीढ़ियां बनवाने और नदी से मिट्टी हटवाने के भी निर्देश दिए। मंदाकिनी में कचरा जाने से रोकने और नियमित सफाई पर जोर दिया गया। रैन बसेरे का शेष निर्माण कार्य पूरा कराने, शौचालय की मरम्मत और रंगाई-पुताई कराने को कहा गया। 16 चेंजिंग रूम में से छह स्थापित हो चुके हैं, शेष जल्द लगाने के निर्देश दिए गए। खोया-पाया केंद्र की रेलिंग दुरुस्त कराने, सीसीटीवी कंट्रोल सेंटर स्थापित करने और पुल पर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।खोही तालाब में जल स्रोत, फेंसिंग, पौधरोपण और साइनेज की व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए। संग्रामपुर स्थित शराब दुकान पर गंदगी मिलने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अंत में बिहारा रैन बसेरे और पार्किंग स्थलों का निरीक्षण कर प्रकाश व पेयजल की व्यवस्था दीपावली से पहले सुनिश्चित करने को कहा गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मौके पर सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।





