श्री राम के हाथों हुआ रावण का वध, धूमधाम से मनाया गया विजयदशमी का पर्व धर्म भूमि चित्रकूट में विजयदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सोमवार को भगवान राम द्वारा रावण का वध किए जाने के बाद लोगों ने गले मिलकर एक दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।साथी पान खिलाकर परंपरा का निर्वाह किया। प्रभु श्रीराम की तपोस्थली धर्मनगरी चित्रकूट में विजयदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक दशहरे पर धुस मैदान में 71 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण का पुतला धू-धू कर जल उठा और एक ही बार में रावण दहन संपन्न हो गया। इस दौरान रावण के पुत्र मेघनाद और भाई कुंभकर्ण के पुतलों का भी दहन किया गया।रावण दहन देखने के लिए धुस मैदान में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। चारों तरफ भारी भीड़ के बीच पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित नगर पालिका अध्यक्ष भी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच विजयदशमी का आयोजन संपन्न हुआ। धर्मनगरी चित्रकूट में रावण दहन के साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसी प्रकार विजयदशमी के पर्व पर चित्रकूट के मऊ कस्बे के सब्जी बाजार में रावण वध के बाद भगवान श्रीराम का भव्य विजय जुलूस निकाला गया।
रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। आतिशबाजी और फुलझड़ियों के बीच विजयदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया।मऊ नगर पंचायत क्षेत्र में आयोजित रामलीला के दौरान रावण वध का मंचन किया गया। इसके बाद भगवान श्रीराम के विजय जुलूस ने कस्बे में उत्सव का माहौल बना दिया। हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस बार भी रामलीला कमेटी के सदस्यों ने कार्यक्रम का आयोजन किया। रावण वध के साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मऊ थाना पुलिस मौजूद रही। पुलिसकर्मियों की निगरानी में आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। विजयदशमी के अवसर पर कस्बे में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।






